केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को बताया कि भारत ने बिना कोई टोल दिए होर्मुज स्ट्रेट से 12 से अधिक एलपीजी से लदे जहाज चुपचाप निकाले हैं और कुकिंग गैस का उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों में तेजी से बदलाव किए।
इन कदमों से आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा आपूर्ति में बाधा से देश को निपटने में मदद मिली। पूरी ने एक्स पर पोस्ट में लगभग चार महीने तक होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को इसके असर से बचाने के लिए कई आपातकालीन उपाय किए।
कितना बढ़ा कुकिंग गैस प्रोडक्शन
भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों में विविधता लाकर, ऊर्जा के बुनियादी ढांचे का विस्तार करके और कई देशों से वैकल्पिक एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करके घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति की कमी से बचाया। कई रिफाइनरियों में, जहां पहले कभी कुकिंग गैस का उत्पादन नहीं हुआ था, उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ ही दिनों में बदलाव किए गए।
नतीजतन, एलपीजी का उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया। भारत ने अल्जीरिया, जापान और कनाडा जैसे देशों से एलपीजी आपूर्ति के नए इंतजाम किए, जबकि घरेलू मांग पूरी करने के लिए अमेरिका से अतिरिक्त कार्गो हासिल किए गए।
सरकार ने घटाए थे दाम
सरकार के कदमों ने सुनिश्चित किया कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति में उथल-पुथल के बावजूद आपूर्ति स्थिर बनी रहे। सरकार के उठाए कदमों में मार्च में ईंधन पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती भी शामिल थी। इसके अलावा कुकिंग गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) अनिवार्य किया गया।