उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने का तैयारी में लोक जनशक्ति पार्टी, लखनऊ में चिराग पासवान ने पेश किया दावा…

एनडीए के एक और सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी है। पार्टी के संस्थापक राम विलास पासवान की जयंती पर लखनऊ में नव संकल्प सभा में पधारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित नव संकल्प सभा में 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया।

बिहार के हाजीपुर से लोकसभा के सदस्य और नरेन्द्र मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज कराकर पार्टी ने भी अपना दावा पेश किया। चिराग पासवान ने कहा कि आज का दिन हम सबको प्रेरणा देता है, वहीं आज का दिन मेरे लिए भावनाओं से भरा होता है। कई यादें जेहन में कौंधती हैं। स्कूल ले जाना। राजनीति में उंगली पकड़कर चलाना। जिन सपनों को वो अधूरा छोड़कर गए, उनका अंश होने के नाते मेरी जिम्मेदारी उनके हर सपने को पूरा करूं।

नव संकल्प सभा में किया बड़ा दावा

चिराग पासवान ने नव संकल्प सभा में दावा किया कि मेरे रहते आरक्षण और संविधान को कोई भी समाप्त नहीं कर सकता है। मैं आप लोगों को विश्वास दिलाता हूं जो लोग बात बात पर आरक्षण और संविधान को समाप्त करने की बात करते हैं, चिराग पासवान के होते हुए कोई खतरा नहीं। खतरा उनके मंसूबों को है। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसा उत्तर प्रदेश दूंगा, जो जात-पांत से दूर रहे। यह अकेले नहीं कर पाऊंगा। इसमें मुझे आप सबका साथ चाहिए।

भाई से भाई को लड़ाते हैं सपा-कांग्रेस

लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस तो भाई से भाई को लड़ाने का काम करते हैं, ये लोग युवाओं को एकजुट कैसे कर पाएंगे। सपा-कांग्रेस ने यहां भाई को भाई से लड़वाने का काम किया। हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम एकता के सूत्र में बांधेंगे। लोगों को भ्रमित किया जाता है। यह लोग तो आज भी अनुसूचित जाति के साथ भेदभाव करते हैं। खतरा उनकी राजनीति को है जो भाई को भाई से लड़वाना चाहते हैं। सपा और कांग्रेस की नीति ही भाई को भाई से लड़वाने की रही। जाति और संप्रदाय को लेकर लदवाकर रोटियां सेकते हैं। सपा और कांग्रेस ने हमारे समाज के साथ विश्वासघात किया। ऐसे लोगों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने का समय है।

बेहतर शिक्षा और बेहतर रोजगार मिले

उन्होंने कहा कि न हम हमारी विरासत पर कोई आंच आने देंगे और न ही बच्चों के भविष्य को। बेहतर शिक्षा और बेहतर रोजगार मिले, उस दिशा में आगे बढ़ेंगे। हमको एकजुट होकर विकास की राह पर आगे बढ़ने का काम करने की जरूरत है। हमारी पिछली पीढ़ी ने बहुत संघर्ष किया है। आने वाली पीढ़ी के लिए आज संघर्ष करना होगा।

पिता राम विलास पासवान को किया याद

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ मेरे पिता का अटूट रिश्ता रहा है। इसी कारण आज उनकी जयंती पर अपनी पार्टी से आपके बीच अपनी पहुंचा। उन्होंने कहा कि मेरे पिता से उत्तर प्रदेश के लिए जितना बन पाया उन्होंने करने का प्रयास किया। अभी तो एक लंबा सफर तय करना बाकी है। आज आप सबका आशीर्वाद लेने आया हूं। हमारा प्रयास है कि ऐसे समाज के निर्माण की शुरुआत कर सकें, जिसकी कल्पना हमारे नेता ने की थी। एक समान भागीदारी, समान अवसर मिले।

विचारों व सिद्धांतों से भरा था पूरा जीवन

चिराग पासवान ने कहा कि राम विलास पासवान एक व्यक्ति का नाम नहीं था। पासवान जी का पूरा जीवन विचारों और सिद्धांतों से भरा हुआ था। उनको देश में छह-छह प्रधानमंत्री के साथ काम करने का मौका मिला। वह नौ बार लोकसभा सदस्य बने। उनका तो गिनीज बुक में नाम दर्ज है। उन्होंने लोकसभा चुनाव सबसे अधिक मार्जिन से जीतने का रिकार्ड बनाया।

राम विलास पासवान जी ने सबसे पहले ऊंची जाति के लिए भी आरक्षण की मांग की। केंद्र सरकार में मंत्री ने कहा कि किसी समय मोबाइल फोन अमीरों की जागीर मानी जाती थी। एक दौर था इनकमिंग के लिए भी रुपये देने पड़ते थे। उस वक्त मेरे नेता ने कहा था एक दिन ऐसा मोबाइल लाऊंगा जो बैगन के भाव बिकेगा, सबके हाथ में होगा। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को पासवान जी के बारे में जानना जरूरी है। उनके जाने के बाद मैं उनके काम और विचारों को आगे बढ़ाने का काम करूंगा। मेरी पार्टी में हर कार्यकर्ता प्रयासरत रहता है कि कैसे समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चले।

चिराग पासवान पहली बार 2014 लोकसभा चुनाव में बिहार के जमुई सीट से जीते थे। चिराग पासवान ने 2019 के लोकसभा चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की और दूसरी बार लोक सभा के सांसद बने। 2024 में पिता रामविलास पासवान की कर्मभूमि हाजीपुर से लोकसभा का चुनाव लड़े और केन्द्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। 2010 से 2011 तक चिराग पासवान ने तीन हिंदी फिल्मों में बतौर अभिनेता काम किया। ‘मिले ना मिले हम’ और ‘वन एंड ओनली’ जैसी फिल्मों में अभिनेता रहे।

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