रथयात्रा से पहले पुरी में हाई अलर्ट: साइबर अपराधियों के निशाने पर 1200 होटल, 11 देशों से चल रही थीं फर्जी वेबसाइटें…

 पुरी रथयात्रा से पहले शहर के सभी होटलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।होटलों के नाम पर साइबर अपराधी गिरोह फर्जी (क्लोन) वेबसाइट बनाकर श्रद्धालुओं और पर्यटकों से ऑनलाइन होटल बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। अब तक अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) 238 फर्जी वेबसाइटों और वेबपेजों को पूरी तरह ब्लॉक कर चुकी है।

रथयात्रा के दौरान राज्य, देश और विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए साइबर ठगों ने अपना जाल बिछा रखा है। बताया जा रहा है कि ये फर्जी वेबसाइटें रोमानिया, ब्राजील, इंडोनेशिया, हांगकांग, मकाऊ, सिंगापुर, यूक्रेन, चीन, थाईलैंड, फिलीपींस और नाइजीरिया जैसे देशों में तैयार और होस्ट की जा रही हैं। हालांकि, इन वेबसाइटों के वास्तविक संचालकों तक पहुंचने में क्राइम ब्रांच को कठिनाई हो रही है, क्योंकि संबंधित देशों से वेबसाइट मालिकों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।

साइबर अपराधियों ने रथयात्रा को देखते हुए ऑनलाइन फर्जी होटल और वेबसाइटें तैयार की हैं। कम कीमत में आरामदायक कमरे, गारंटीड बुकिंग और भारी छूट का लालच देकर सोशल मीडिया के माध्यम से पुरी आने वाले पर्यटकों को आकर्षित किया जा रहा है। बुकिंग के समय पर्यटकों से यूपीआई, वॉलेट या बैंक खाते के जरिए पूरा भुगतान जमा कराने को कहा जाता है। इन फर्जी वेबसाइटों पर नकली कस्टमर केयर नंबर भी दिए जाते हैं। भुगतान के बाद यात्रियों को ऑनलाइन रसीद भेज दी जाती है।

गूगल पर पुरी के होटलों की जानकारी खोजने पर कई बार सबसे पहले इन्हीं फर्जी वेबसाइटों की सूची दिखाई देती है। ठगी की रकम राजस्थान, केरल, मुंबई, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, दिल्ली, झारखंड के जामताड़ा, हरियाणा के मेवात और गुजरात से जुड़े साइबर अपराधियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। अब तक 40 से अधिक यात्रियों ने क्राइम ब्रांच में ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।

क्राइम ब्रांच ने 1 जनवरी से 30 जून 2026 के बीच 212 फर्जी होटल वेबसाइट और 26 फर्जी वेबपेज की पहचान की है। केवल जून महीने में ही 50 फर्जी वेबसाइट और 26 फर्जी वेबपेज का पता लगाकर उन्हें ब्लॉक किया गया।

क्राइम ब्रांच के डीजी विनयतोष मिश्रा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई है। इस अभियान की निगरानी क्राइम ब्रांच के आईजी डॉ. सार्थक षडंगी करेंगे। टीम में एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी, एक इंस्पेक्टर, दो सब-इंस्पेक्टर और चार कांस्टेबल शामिल रहेंगे।

10 जुलाई से 25 जुलाई तक यह टीम 24 घंटे पुरी शहर के करीब 1200 होटलों की निगरानी करेगी। टीम प्रत्येक होटल का सत्यापन करेगी और यह भी जांचेगी कि होटल के नाम पर गूगल या अन्य प्लेटफॉर्म पर कोई फर्जी वेबसाइट तो संचालित नहीं हो रही है। विशेष रूप से समुद्र तट के आसपास स्थित 350 होटलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिन वेबसाइटों पर एसएसएल (एसएसएल) सुरक्षा प्रमाणपत्र उपलब्ध होता है, वे आमतौर पर अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होती हैं। ऑनलाइन बुकिंग से पहले वेबसाइट की प्रामाणिकता, मोबाइल नंबर और अन्य विवरणों की अच्छी तरह जांच करना आवश्यक है, ताकि साइबर ठगी से बचा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *