आने वाले दिनों में नशे की हालत में वाहन चलाना, यातायात नियम तोड़ना, सिग्नल, जेब्रा क्रासिंग जंप करना, स्टंट करना, गत दिशा में वाहन ले जाना, तेज गति से वाहन चलाना चालकों को महंगा पड़ सकता है। क्योंकि सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए अब मोटर वाहन कानून में नए सख्त नियम शामिल करने की तैयारी है।
बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। इसके बाद नवीनीकरण कराने के लिए चालकों को सरकार से अधिकृत ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर पर फिर से ड्राइविंग टेस्ट देना होगा।
कानपुर जिले में 15 महीने के अंतराल में यातायात नियम तोड़ने पर 491 चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। वहीं, यातायात पुलिस ने 34,181 वाहनों के पंजीयन प्रमाणपत्र यानी आरसी निरस्तीकरण के लिए परिवहन विभाग से पत्राचार किया है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत तीन माह की निलंबन अवधि खत्म होने के बाद ये लाइसेंस बहाल कर दिए जाते हैं।लेकिन अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने संशोधनों का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।
उसका नवीनीकरण कराने के लिए सरकार से अधिकृत ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर पर फिर से ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। यह विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में आने की प्रबल संभावना है।
डीएल निलंबित होने पर तीन माह नहीं चला सकते वाहन
यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस यानी डीएल फिलहाल तीन माह के लिए निलंबित किया जाता है। इस अवधि में वो वाहन नहीं चला सकते हैं। तीन महीने बाद यह दोबारा नियमों की अनदेखी करते पकड़े गए तो लाइसेंस निरस्त किए जाने का प्रविधान है। विभाग द्वारा डीएल निलंबन की कार्रवाई की जाती है।
संतोष कुमार, संभागीय परिवहन निरीक्षक (प्राविधिक), आरटीओ।
34,181 वाहनों के आरसी होंगे निरस्त
वर्ष 2026 में अब तक कुल 34,181 वाहनों के पंजीयन प्रमाणपत्र यानी आरसी निरस्तीकरण के लिए परिवहन विभाग से पत्राचार किया गया है। एक जनवरी से 30 जून 2026 तक कुल 4,35,023 वाहनों के चालान किए गए हैं। चालान से 68 करोड़ रुपये का जुर्माना किया गया है।
-रवीन्द्र कुमार, डीसीपी यातायात।
घटना होने पर तो चालक होगा जिम्मेदार
ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित होने की स्थिति में यदि चालक लाइसेंस की फोटो कापी रखकर यातायात पुलिस व परिवहन विभाग की अधिकारी को भ्रमित करता है और उससे कोई घटना हो जाती है तो चालक स्वयं जिम्मेदार होगा।
इन स्थितियों में निरस्त किए जाते हैं डीएल
- नशे की हालत में वाहन चलाना।
- यातायात नियम तोड़ना।
- सिग्नल, जेब्रा क्रासिंग जंप करना।
- स्टंट करना।
- गलत दिशा में वाहन ले जाना।
- तेज गति से वाहन चलाना।