गांव खाबड़ाकलां के किसानों के लिए पिछले चार सालों से जी का जंजाल बना करीब सात करोड़ रुपये का अंडरग्राउंड पाइपलाइन प्रोजेक्ट आखिरकार सभी बाधाएं पार कर पूरा हो गया है।
गांव गदली के चार किसानों के अदालती अड़ंगे और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की ढुलमुल कार्यप्रणाली के कारण अधर में लटका यह प्रोजेक्ट अब प्रशासनिक दखल के बाद धरातल पर उतर चुका है।
इस विवाद की वजह से क्षेत्र के 700 से अधिक किसान और करीब 2200 एकड़ कृषि भूमि पिछले कई वर्षों से जलभराव और सेम की समस्या से जूझ रही थी। अब गांव में स्थापित 27 सोलर सबमर्सिबल ट्यूबवेलों को इस नए ड्रेन सिस्टम से जोड़कर पानी की निकासी हिसार घग्घर चैनल में की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को उम्मीद है कि आगामी दो वर्षों में गांव से सेम का दंश हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा और खेतों में फिर से हरियाली लौट आएगी।
चार किसानों के विरोध और अदालती चक्कर में फंसा था प्रोजेक्ट
यह पूरा प्रोजेक्ट गांव गदली के मात्र चार किसानों के अड़ंगे की वजह से पिछले चार साल से अधर में लटका हुआ था। इन किसानों ने अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने के काम का विरोध किया था और मामले को अदालत में ले गए थे। इस विवाद के कारण करीब 2200 एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो रही थी और क्षेत्र के 700 से अधिक किसान पिछले कई सालों से लगातार परेशानी का सामना कर रहे थे।
इस पूरे मामले में सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता और कार्यकारी अभियंता ने इस गंभीर मामले को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया। काम रुकवाने वाले किसानों पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बजाय अधिकारी फाइलों को दबाए बैठे रहे और मामले को लंबे समय तक लटकाए रखा, जिसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ा।
डीसी डॉ. विवेक भारती के हस्तक्षेप से बनी बात
मामले में मोड़ तब आया जब परेशान ग्रामीणों ने फतेहाबाद के डीसी डा. विवेक भारती से मुलाकात की और उन्हें एक लिखित शिकायत सौंपी। डीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कड़ा संज्ञान लिया। उनके दखल के बाद प्रशासन ने कानूनी अड़चनों को दूर किया और सिंचाई विभाग को नया टेंडर जारी कर दोबारा काम शुरू करने के निर्देश दिए। नए टेंडर के तहत युद्धस्तर पर काम करते हुए आखिरकार पाइपलाइन को दबाने का काम पूरा कर लिया गया है।
27 सोलर सबमर्सिबल ट्यूबवेल से घग्घर चैनल में जाएगा पानी
इस प्रोजेक्ट के तहत गांव में पहले 18 हजार फीट लंबा अंडरग्राउंड ड्रेन सिस्टम तैयार किया गया था। अब इस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा। योजना के अनुसार, गांव में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा स्थापित किए गए 27 सोलर सबमर्सिबल ट्यूबवेलों को इस ड्रेन से जोड़ा जाएगा। इन ट्यूबवेलों के माध्यम से खेतों और गांव में जमा होने वाले पानी को खींचकर अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए हिसार घग्घर चैनल में डाला जाएगा। इससे न केवल खेतों से पानी निकलेगा, बल्कि बारिश के दिनों में होने वाले जलभराव की निकासी भी सुनिश्चित हो सकेगी।
2013 से झेल रहे थे सेम का दंश, अब दो साल में खत्म होगी समस्या
गौरतलब है कि साल 2013 में हुई भयंकर बारिश के बाद गांव खाबड़ाकलां में बड़े पैमाने पर जलभराव हो गया था। लंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण पूरी जमीन में सेम की समस्या पैदा हो गई, जिससे हजारों एकड़ फसलें बर्बाद होने लगीं। अब पाइपलाइन का काम पूरा होने से ग्रामीणों में उम्मीद की नई किरण जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह प्रोजेक्ट आगामी दो सालों तक बिना किसी रुकावट के सही तरीके से चला, तो गांव से सेम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। जमीन का जलस्तर सुधरेगा और किसानों के खेतों में एक बार फिर से पहले की तरह लहलहाती फसलें होनी शुरू हो जाएंगी।