दिल्ली के यमुना खादर क्षेत्रों में फिर बसीं 10 हजार झुग्गियां, डीडीए ने पिछले साल चलाया था बुलडोजर …

दिल्ली में यमुना खादर क्षेत्रों में करीब दस हजार लोग अवैध रूप से बसे हुए हैं। पिछले वर्ष डीडीए ने मयूर विहार व पुराना लोहा पुल के पास अवैध रूप से बसी झुग्गियों पर बुलडोजर चलाया था। इस कार्रवाई के बाद भी यहां लोग अवैध रूप से रह रहे हैं।

आरोप है कि डीडीए के अधिकारियों से सांठगांठ करके लोगों ने अपना बसेरा बनाया हुआ है। कुछ दिनों यमुना का जलस्तर बढ़ने के उम्मीद है। हर वर्ष की तरह इस बार भी सरकार को यहां अवैध रूप से रहने वाले लोगों के लिए शिविर लगाने होंगे। उसपर लाखों रुपये खर्च करने होंगे।

मयूर विहार, पुराना लोहा पुल, कश्मीरी गेट, उस्मानपुर, सिग्नेचर ब्रिज के पास, बदरपुर खादर गांव के आसपास यमुना खादर में लोग रह रहे हैं। डीडीए दावा करता है कि अवैध रूप से रहने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। लेकिन सवाल यह है कि अगर कार्रवाई होती है तो उसका असर नजर क्यों नहीं आ रहा है।

खादर में रहने वाले अधिकतर लोग बिहार व उत्तर प्रदेश से हैं। वह खादर क्षेत्र में अवैध रूप से रहकर सब्जी व फल बेचने व कपड़ा फैरी का काम करते हैं। मयूर विहार खादर क्षेत्र में रहने वाले कई लोगों का यह तक कहना है कि वह झुग्गी को किराये पर लेकर रह रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करने के बाद खादर क्षेत्र को खाली करवाया जाएगा। शिविर लगाने का ठेका दिया जा चुका है। जो लोग खादर में रहते हैं, उन्हें शिविरों में रूकाया जाएगा। वहीं डीडीए का कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ डीडीए समय-समय पर खादर क्षेत्र में कार्रवाई करता है। जहां भी अतिक्रमण है, उसे हटाया जाएगा।

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